Saturday, 30 July 2022

याद और इंतजार











याद और इंतजार

दोनों तडपाते बहोत है

याद बीते दिनों की

और इंतजार आनेवाले कल का

राही, चलता चल हरपल

कल और आज में पल पल


  मृदुला मुकुंद पाटखेडकर 

  ३१ जुलै २०२२

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