मनभावन,
मधुरता
से
भरी
छवि
तेरी
स्वभाव
में
तेरी
सादगी
और
सरलता
तुझमें
मैं
और
मुझमें
तू
दुनिया
मेरी
'प्यार'
से
सजानेवाली
माँ
तू
मेरे
लिए
दिव्य
तेज
प्रभुता
तू
ही
तो
है
मेरी
माँ,
सारी
दुनिया
में
ऐसी
जिसके
प्यार
में
कोई
सौदा
नहीं
होता
करम़
रहम़
हमपे
करती
रहती
तू
किसी
भी
फल
की
कामना़
तेरा
दिल
नहीं
करता
हमसे
प्यार,
हमारी
खुशी,
इसीमें
माँ,
तेरा
सारा
जीवन
बितता
हमेशा
दिखाई
दी
मुझे
तुझमें
कृष्ण
ने
बताई
'गीता'
मृदुला
मुकुंद
पाटखेडकर.
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