अब की बार करारा प्रहार
देख ले अब ऐ दुश्मन
तू
.... कौन करता तुम्हारा
उध्दार???
१२५ करोड शेर हमारे
कर देँगे तुझको
ढेर
एक ही है, एक ही
रहेंगे
हमेशा हम सारे
तू, गिन ले अब ऐ दुश्मन
दिन में तारे
जय भारत!! जय
भारती!!
जय हिंद!! जय हिंद!!
ये नारा हमारा
गुँज उठेगा वीरसेना
से आसमान सारा
ये धरती हमारी,
ये अंबर हमारा
ना रख हमारी जमीन
पर तू
नापाक नजरों
का इशारा
तिरंगा हमेशा जिंदाबाद
है और
जिंदाबाद रहेगा
प्यारा
सारे जहाँ से अच्छा
है हिन्दुस्थान हमारा
मृदुला मुकुंद पाटखेडकर.
२९ सप्टेंबर २०१६.
No comments:
Post a Comment