कोई तो यहाँ से गुजरे
प्रेम का पथ बरसाये
कोई तो यहाँ से गुजरे
इंतजार में तरसाये
कोई तो यहाँ से गुजरे
जो दिल से याद आये
कोई तो यहाँ से गुजरे
सावन का रंग चढाये
कोई तो यहाँ से गुजरे
झूम के झुलों के गीत गाये
कोई तो यहाँ से गुजरे
सावन की कहानी कहलाए
मृदुला मुकुंद पाटखेडकर
३/८/२०२२

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