कहीं भी जाऊँ इस जहान
दिल से दिल तक हिन्दुस्तान
मेरा देश दिलेरी की दास्तान
तू ही फ़क्र तू ही जान
वक्त कितना भी ले कडा़ इम्प्तिहान
जिगरवाला वीर तेरा हर सिपाही महान
प्राचीनता श्रेष्ठ, भूषण ज्ञान विज्ञान
संस्कृती का अभिमान
अनेकता में एकता का सम्मान
सरलता ही पुंजी इसकी, हरे भरे खे़त ख़लिहान
नारा अमर रहे 'लाल' का 'जय जवा़न जय किसा़न'
सफलता की हरियाली, नई ऊर्जा की किरण
नई उम्मीद से झूमे हर नए संकल्प की उडा़न
तीन रंगों की गुब्बारों से चमकेगा ये नीला आसमान
गण गण में गुँज उठे जनगणमन राष्ट्रगान
प्रगती के विजय पथ पर दमकती रहे इसकी शान
कहीं भी जाऊँ इस जहान
दिल से दिल तक हिन्दुस्तान
मृदुला मुकुंद पाटखेडकर
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