Thursday, 13 October 2016

जय गजानन

   दुमदुमे तव नामें ही शेगाव नगरी
      जय जय गजानन माऊली
      जय जय गजानन माऊली

      भक्तांना लाविले वेड तुम्ही
  'गण गण गणांत बोते' हा मंत्र दिला तुम्ही
       जय जय गजानन माऊली
       जय जय गजानन माऊली

     चमत्कारातूनी दाविले जीवनाचे सार
     केलेत तुम्ही भक्तांचे भक्तीने पोषण
      मार्ग दिला तुम्ही आम्हाला
     पसरविण्या विवेक आणि विचार
       जय जय गजानन माऊली
       जय जय गजानन माऊली

       भक्तीचा पडला पूर
      तव कृपेचा वर्षला पाऊस
      भक्तांना लागे भेटण्या तव आस
        शेगाव झाले प्रती पंढरपूर
        जय जय गजानन माऊली
        जय जय गजानन माऊली

      असता तुम्ही नित्य मम अंतरी
      जय गजानन जय गजानन.....
     तव नामाचा जयघोष नित्य ओठांवरी
        जय जय गजानन माऊली
        जय जय गजानन माऊली

       राहो नित्य या जीवावर
          तव कृपा साऊली
      शांत होवो, थंड होवो तव वरदानें
         मम जीवन काहिली
        जय जय गजानन माऊली
        जय जय गजानन माऊली

    मृदुला मुकुंद पाटखेडकर.

गुरुवार १३ अॉक्टोबर २०१६.

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