ऐ दिल,
स्वागत कर तू
अच्छे विचारों का
स्वागत कर तू
अच्छे तत्वज्ञों का
स्वागत कर तू
अच्छे लोगों का
जिनसे मिटती है
रिश्तों की दूरियाँ
जिनसे टूटती है
नफ्रत की दीवारें
जिनसे मिलती है
प्रेरणा शहादत
इबादत और पराक्रम
की
जिनसे मिलती है
हमें हमेशा चैन
ॲऔर राहत
भरी जिंदगी
उस हर
एक सैनिक का
दिल से स्वागत
और सलाम
कर तू
ऐ दिल,
स्वागत कर तू......
मिट जाये
अज्ञान का अंधेरा
शुध्द हो मन
की भावना
दूर हो
अन्याय, भ्रष्टता का बसेरा
निकले हर रोज
इस देश में
ज्ञान की रोशनी
का सवेरा
ऐ दिल,
स्वागत कर तू,
तेरे ही मन
में
आयी हुई
अच्छी सोच का
ऐ दिल,
स्वागत कर तू....
दिये जला
प्यार के
दिये जला
एकता के
रोशन कर
तू, शुध्द आचरण
से
तेरे घर
का हर एक
कोना
अच्छा भाव, जिसमें
जलन ना हो
अच्छा विचार जिसमें
सबका विचार हो
अच्छा नागरिक जिससे
देश का भला
हो
यही अच्छा;
अच्छा होता है
जिंदगी का असली
सोना
स्वागत कर तू,
इस हर एक
अच्छे का
ऐ दिल,
स्वागत कर तू.....
जल जाये
बुराईयाँ
फैल जाये
चारों तरफ अच्छाईयाँ
धूल जाये
मन का मैल
स्वच्छ हो तन,
मन और
स्वच्छ हो देश
हमारा
स्वागत कर तू
इन्ही शब्दों से
इस दिवाली
का, इस दिवाली
का
ऐ दिल,
स्वागत कर तू......
मृदुला मुकुंद पाटखेडकर.
२४ अॉक्टोबर
२०१६.
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