कितना भी छुपाके देख लो
कितना भी देखकर अनदेखा कर लो
देखा है मैने तुझे
देखा है मैनै तुझे
कहती ये आँखे
देखती ये आँखे
कभी बनती काफि़र यही आँखे
कभी बनती इशारे यही आँखे
सुख में भी यही आँखे
दुःख में भी यही आँखे
सुख के आये आँसुओं में भी यही आँखे
समा लेती है समा को यही आँखे
चुभती है किसीको यही आँखे
चुरा लेती है अखियाँ यही आँखे
अँखियोंके झरोंकों से देख लेती है
बहोत कुछ यही आँखे
शब्दों की जहाँ जरुरत नहीं होती
अल्फाज जहाँ कम, और फिके पडने लगते
कुछ छुपाना पडता है औरों से
कुछ बताना नहीं होता,
चार लोगों के सामने
तब, बोलती है, बताती है, और सबकुछ
बयाँ करती है यही आँखे
सच्चे लोगों की सच्ची आँखे
झूठे लोगों की झूठी आँखे
फरेबीयों की फरेबी आँखे
बदला लेनेवालों की लगती बदली आँखे
मुँह छुपानेवालों की लगती चोर आँखे दिल से चाहनेवालों की लगती प्यारी आँखे
भोले लोगों की भोली आँखे
ज्ञानी लोगों की चमकती आँखे
पराक्रमी लोगों की तेज तर्रार आँखे
बुरी नजरवालों की बुरी आँखे
होती है हर एक की जैसे फितरत
बनती है वैसे ही यही आँखे
बडी जादूई होती है यही आँखे
कितना भी छुपाके देख लो
कितना भी देखकर अनदेखा कर लो
देखा है मैने तुझे
देखा है मैनै तुझे
कहती ये आँखे
देखती ये आँखे
मृदुला मुकुंद पाटखेडकर.
२५ अॉक्टोबर २०१६.
कितना भी देखकर अनदेखा कर लो
देखा है मैने तुझे
देखा है मैनै तुझे
कहती ये आँखे
देखती ये आँखे
कभी बनती काफि़र यही आँखे
कभी बनती इशारे यही आँखे
सुख में भी यही आँखे
दुःख में भी यही आँखे
सुख के आये आँसुओं में भी यही आँखे
समा लेती है समा को यही आँखे
चुभती है किसीको यही आँखे
चुरा लेती है अखियाँ यही आँखे
अँखियोंके झरोंकों से देख लेती है
बहोत कुछ यही आँखे
शब्दों की जहाँ जरुरत नहीं होती
अल्फाज जहाँ कम, और फिके पडने लगते
कुछ छुपाना पडता है औरों से
कुछ बताना नहीं होता,
चार लोगों के सामने
तब, बोलती है, बताती है, और सबकुछ
बयाँ करती है यही आँखे
सच्चे लोगों की सच्ची आँखे
झूठे लोगों की झूठी आँखे
फरेबीयों की फरेबी आँखे
बदला लेनेवालों की लगती बदली आँखे
मुँह छुपानेवालों की लगती चोर आँखे दिल से चाहनेवालों की लगती प्यारी आँखे
भोले लोगों की भोली आँखे
ज्ञानी लोगों की चमकती आँखे
पराक्रमी लोगों की तेज तर्रार आँखे
बुरी नजरवालों की बुरी आँखे
होती है हर एक की जैसे फितरत
बनती है वैसे ही यही आँखे
बडी जादूई होती है यही आँखे
कितना भी छुपाके देख लो
कितना भी देखकर अनदेखा कर लो
देखा है मैने तुझे
देखा है मैनै तुझे
कहती ये आँखे
देखती ये आँखे
मृदुला मुकुंद पाटखेडकर.
२५ अॉक्टोबर २०१६.
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